जस्टिस बीआर गवई देश के अगले चीफ जस्टिस होंगे. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनके नाम को मंजूरी दे दी है. इससे पहले मौजूदा मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने उनके नाम की सिफारिश की थी. आइए जानते हैं वह कहां से डिग्री ले चुके हैं.


24 नवंबर 1960 को महाराष्ट्र के अमरावती में जन्मे जस्टिस गवई ने नागपुर विश्वविद्यालय से बीए और एलएलबी की पढ़ाई पूरी की. एक साधारण परिवार से आने वाले गवई ने शिक्षा को अपनी सीढ़ी बनाकर कानूनी दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई.


मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने किया पोस्ट 


विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि न्यायमूर्ति बी.आर. गवई की नियुक्ति भारत के संविधान के तहत प्रदत्त अधिकारों के तहत की गई है. वर्तमान में वे सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश के पद पर कार्यरत हैं और 14 मई 2025 से भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) का कार्यभार संभालेंगे.






1985 में शुरू की थी वकालत


मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जस्टिस बीआर गवई ने 1985 में वकालत शुरू की थी और कुछ ही वर्षों में नागपुर बेंच और बॉम्बे हाईकोर्ट में अपनी काबिलियत से पहचान बनाई. वे अमरावती विश्वविद्यालय सहित कई नगर निगमों के लिए स्थायी वकील रहे और बाद में सरकारी वकील और पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के रूप में भी सेवा दी.


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2019 में बनाया गया सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश


14 नवंबर 2003 को बॉम्बे हाईकोर्ट में उन्हें अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया और 2005 में वे स्थायी न्यायाधीश बन गए. इसके बाद उन्होंने मुंबई, नागपुर, औरंगाबाद और पणजी बेंचों में विभिन्न मामलों की अध्यक्षता की. 24 मई 2019 को उन्हें सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बनाया गया.