India-Turkey Trade Relationship: भारत और तुर्की के बीच अब तक मजबूत द्विपक्षीय व्यापार संबंध रहे हैं. हालांकि, 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान के सपोर्ट में उतरे तुर्की के साथ भारत के व्यापार पर अब सवालिया निशान लग गया है. भले ही दोनों देशों के बीच व्यापार और कूटनीतिक स्तर पर अनिश्चितता का माहौल है, लेकिन बावजूद इसके तुर्की के साथ भारत का व्यापार महत्वपूर्ण बना हुआ है, जिसमें अप्रैल 2024 और फरवरी 2025 के बीच 5.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निर्यात और 2.84 बिलियन अमेरिकी डॉलर का आयात शामिल है. 


ये दोनों ही देश एक-दूसरे से बड़े पैमाने पर तरह-तरह की चीजें एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट करते हैं. साल 2025 में अनुमानित 1.46 बिलियन लोगों की आबादी वाला देश भारत अब भी प्राकृतिक संसाधनों के मामले में उतना समृद्ध नहीं है इसलिए तेल और गैस जैसी चीजें इसे दूसरे देशों से आयात कराकर ही अपनी जरूरतें पूरी करनी होती है. अब आइए देखते हैं कि दोनों देश एक-दूसरे से क्या-क्या खरीदते हैं और क्या बेचते हैं. 


तुर्किए से क्या खरीदता है भारत



  • खनिज ईंधन, तेल, डिस्टिलेशन प्रोडक्ट्स 

  • इलेक्ट्रिक व इलेक्ट्रॉनिक्स मशीनें, परमाणु रिएक्टर, बॉयलर

  • इनऑर्गेनिक केमिकल्स, कीमती मेटल कम्पाउंड्स, आइसोटोप

  • नमक, सल्फर, जिप्सम, चूना, सीमेंट, लोहा और इस्पात

  • एनिमल औरवेजिटेबल्स ऑयल, फैट

  • कई तरह की फल-सब्जियां


भारत से ये सारी चीजें खरीदता है तुर्किए



  • ऑर्गेनिक केमिकल्स

  • मशीनें, परमाणु रिएक्टर, बॉयलर

  • रेलवे व ट्राम को छोड़कर दूसरे वाहन 

  • खनिज ईंधन, तेल

  • इलेक्ट्रॉनिक मशीनें

  • रंगाई में उपयोग किए जाने वाले रंग


इससे पता चलता है कि भारत-तुर्किए के बीच व्यापारिक संबंध मजबूत तो हैं, लेकिन तुर्की की एक गलती से अब इसमें दरारें आ रही हैं. अब आगे देखना है कि दोनों एक-दूसरे की उर्जा व औद्योगिक आवश्यकताओं को किस तरह से पूरा करते हैं. 


भारत के टॉप एक्सपोर्ट्स में ये भी हैं शामिल



  • अमेरिका- 71.51 बिलियन डॉलर

  • संयुक्त अरब अमीरात- 25.45 बिलियन डॉलर

  • चीन- 23.04 बिलियन डॉलर

  • बांग्लादेश- 14.09 बिलियन डॉलर

  • हांगकांग- 11.29 बिलियन डॉलर


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