Pakistan Gold Reserve: पाकिस्तान की नेशनल रिसोर्सेज लिमिटेड (NRL) ने बलूचिस्तान के चगाई जिले में सोने-तांबे के विशाल भंडार के मिलने की पुष्टि की है. पिछले 18 महीनों में कंपनी ने 500 वर्ग किमी में खोज किया था, जिसमें 16 संभावित माइनिंग साइटों की पहचान की गई. यह क्षेत्र पहले भी रेको डिक और सैनाक जैसी खदानों के लिए प्रसिद्ध रहा है. हालांकि, अब नई खोज ने ग्लोबल इनवेस्टर को आकर्षित किया है. इससे क्षेत्र की आर्थिक  स्थिति को मजबूत करने में मदद मिलेगी.


रेको डिक खान विश्व की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक है. यह परियोजना बलूचिस्तान के चगाई में शुरू की गई है. नई खोज के मुताबिक कंपनी को 5.9 अरब टन और मिला है. इसका अनुमानित मूल्य  $500 बिलियन से $1 ट्रिलियन का लगाया जा रहा है. इसमें इतना सोना और तांबा भरा है कि पूरे 50 सालों तक इसे निकाला जा सकता है.


बलूचिस्तान के अन्य प्रमुख खनिज भंडार
नेशनल रिसोर्सेज लिमिटेड (NRL)  कि रिपोर्ट के मुताबिक हर साल खदानों में से 15,800 टन तांबा, 1.47  टन सोना और  2.76 टन चांदी निकाला जा सकता है. इसका मूल्य 50 से 100 अरब की बीच हो सकता है.


खनिज                                              क्षेत्र                            अनुमानित भंडार                          अनुमानित मूल्य
लौह अयस्क                                    चगाई, लसबेला              200 मिलियन टन                          $10–20 अरब
क्रोमाइट मुस्लिमबाग,                         झोब                             500 मिलियन टन                         $5–10 अरब
कोयला माच, क्वेटा,                          चमालंग                            1 अरब टन                             $50–100 अरब
बैराइट                                          खुजदार                           1.7 मिलियन टन                           $1–2 अरब
मार्बल और ओनिक्स                    चगाई, खुजदार                  राष्ट्रीय निर्यात का 90%                              -
एंटीमनी                                      संघर्ष क्षेत्र                                  -                                           $5–10 अरब
लेड और जिंक                             लसबेला, चगाई                     26 मिलियन टन                             $1–2 अरब


संसाधनों में समृद्ध, लेकिन विकास में पिछड़ा
बलूचिस्तान के पास जहां खनिजों की भरमार है, वहीं यह प्रांत आज भी पाकिस्तान के सबसे गरीब और अलगाव वाले हिस्सों में गिना जाता है. इसकी कई वजह है, जो निम्नलिखित है.

-स्थानीय लोगों का आरोप है कि खनिज संपदा का लाभ दूसरे प्रांत उठाते हैं.
-बलूच राष्ट्रवाद और अलगाववादी आंदोलनों ने लोगों को विकास खनिजों के इस्तेमाल पर रोक लगा दिया.
-स्वास्थ्य, शिक्षा और जल जैसी सुविधाएं न के बराबर हैं.