तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान के नाम पर भारत और बांग्लादेश के बीच राजनीतिक बहस छिड़ी है. पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के निर्देश पर कोलकाता नाइट राइडर्स ने मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज कर दिया था, जिसके जवाब में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने अपनी टीम को टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारत भेजने से इनकार कर दिया है.
BCB ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर अपनी टीम को भारत भेजने से मना किया है, मगर इसमें थोड़ी भी सच्चाई दिखाई नहीं देती, क्योंकि भारत बार-बार सफल अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट्स का आयोजन कर साबित करता रहा है कि वह ना केवल सुरक्षा बल्कि बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने में भी सक्षम हैं. इस सबसे इतर बांग्लादेश की आंतरिक स्थिति बहुत खराब दिखाई देती है, क्योंकि देश के दिग्गज क्रिकेटर शाकिब अल हसन बांग्लादेश से बाहर रहने को मजबूर हैं.
बांग्लादेश अपनी गिरेबान में झांके
जो बांग्लादेश सुरक्षा व्यवस्था की बात करता है, उसे पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए. पूरे देश में अल्पसंख्यकों पर जुल्म ढाया जा रहा है, लेकिन वहां बहुसंख्यक और जानी-मानी हस्तियां भी सुरक्षित नहीं हैं. यहां शाकिब अल हसन की बात हो रही है, जिनपर एक छात्र की हत्या में शामिल होने का गंभीर आरोप लगा है. शाकिब अल हसन पर लगे आरोप बेबुनियाद नजर आते हैं, क्योंकि जब छात्र के साथ घटना हुई तब शाकिब कनाडा में एक टी20 लीग में व्यस्त थे. इसके बावजूद उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई.
5 अगस्त 2024 की बात है, जब रिंग रोड पर एक विरोध मार्च हुआ था, जिसमें रुबेल नाम के छात्र ने भी हिस्सा लिया था. उस समय विरोध मार्च में आई भीड़ पर फायरिंग हुई थी, जिसे लेकर दावा किया गया कि यह फायरिंग सुनियोजित तरीके से की गई एक साजिश थी. इसी फायरिंग में रुबेल की मौत हो गई थी. उनकी मौत के मामले में शाकिब अल हसन, बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना समेत 156 लोगों पर आरोप लगाया गया था.
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