बांग्लादेश में आए दिन हिंदुओं पर हो रहे हमलों और हत्याओं का मुद्दा ब्रिटिश संसद में उठा है. एक ब्रिटिश सांसद ने यह मुद्दा उठाया और सरकार से अपील की है कि वह बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस सरकार से बात करे ताकि हिंदुओं के खिलाफ हिंसा रोकी जाए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो.


ब्रिटेन के विपक्षी सांसद और कंजर्वेटिव पार्टी के कद्दावर नेता बॉब ब्लैकमैन ने  सरकार से अपील की है कि वह बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस पर दबाव बनाएं ताकि वह अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करें.  


बॉब ब्लैकमैन ने कहा कि बांग्लादेश में 12 फरवरी को चुनाव होने हैं और यह चुनाव ऐसे समय में हो रहे हैं, जब पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग पर प्रतिबंध लगा दिए गए हैं, जिसकी वजह से लोकतांत्रिक चिंताएं बनी हुई हैं. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यूनुस सरकार में इस्लामी चरमपंथी फिर से एक्टिव हो गए हैं. 


 






बॉब ब्लैकमैन ने गुरुवार (15 जनवरी, 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'मैंने बांग्लादेश को लेकर अपनी चिंताएं संसद में रखीं. चुनाव नजदीक हैं, फिर भी आवामी लीग पर प्रतिबंध लगे हुए हैं. मैं यह देखकर भी हैरान हूं कि हिंदुओं की हत्याएं की जा रही हैं, मंदिर जलाए जा रहे हैं. ऐसी ही वारदातें दूसरे अल्पसंख्यक समुदाओं के साथ हो रही हैं. मैं सरकार से आह्वान करता हूं कि वह अल्पसंख्यकों की सुरक्षा, उनकी आजादी और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करें.'


उन्होंने कहा कि आवामी लीग देश की बड़ी राजनीतिक पार्टी है, फिर भी उसे चुनाव से प्रतिबंधित किया गया है, जबकि ओपिनियन पोल्स में उसे 30 प्रतिशत वोट मिले हैं. उधर, इस्लामी चरमपंथी जनमत संग्रह की मांग कर रहे हैं, जो बांग्लादेश के संविधान को हमेशा के लिए बदल कर रख देगा. 
 
बॉब ब्लैकमैन ने मांग की है कि विदेश सचिव बयान जारी करके बताएं कि देश की लेबर सरकार बांग्लादेशी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा, उनकी आजादी और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठा रही है.


 


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