तेलंगाना के नारायणपेट जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जो प्रशासनिक उपेक्षा को उजागर करता है. मद्दूर मंडल में स्कूली बच्चों का प्रतिदिन का सफर उनके लिए एक खतरनाक साहस बन चुका है. बसों की भारी कमी और स्कूल के समय का पालन करने की मजबूरी ने छात्रों को ऐसा करने पर मजबूर कर दिया है, जो किसी भी समय जानलेवा साबित हो सकता है.
मद्दूर मंडल के विभिन्न हिस्सों से तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, जिनमें स्कूली बच्चे एक तेज रफ्तार बोलेरो के बाहरी हिस्से में लटक कर यात्रा करते दिखाई दे रहे हैं. बसें न मिलने के कारण ये बच्चे खतरनाक तरीके से ओवरलोडेड वाहनों पर सफर करने को मजबूर हैं. छात्रों का कहना है कि उन्हें स्कूल के समय पर पहुंचना है और सार्वजनिक परिवहन की कमी के चलते उनके पास यही एक विकल्प बचता है.
अभिभावकों में घटना को लेकर काफी रोष
स्थानीय लोगों और अभिभावकों में इस घटना को लेकर काफी रोष है. अभिभावकों का कहना है कि उन्हें अपने बच्चों को इस तरह जान जोखिम में डालकर भेजना पड़ रहा है. यदि समय रहते इस ओर ध्यान न दिया गया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है. माता-पिता ने परिवहन विभाग और जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करते हुए मार्ग में अतिरिक्त बसों की व्यवस्था करने की मांग की है.
उनकी प्रमुख मांग है कि स्कूल समय के अनुसार अतिरिक्त सरकारी बसों की व्यवस्था की जाए, खासकर सुबह और छुट्टी के समय. इसके साथ ही निजी वाहनों की नियमित जांच और ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई की भी मांग की जा रही है. एक छोटी सी दुर्घटना पूरे इलाके को शोक में डुबो सकती है. ऐसे में यह केवल परिवहन का मुद्दा नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और भविष्य का सवाल बन चुका है.
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