Pakistans Air Defence: भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. ANI की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में मौजूद चीन के एचक्यू-9 मिसाइल सिस्टम को भारी नुकसान हुआ है. चीन में निर्मित इन लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल सिस्टम को पाकिस्तान के डिफेंस नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है. ANI के अनुसार, भारत के सटीक हमलों ने कई HQ-9 लॉन्चर और संबंधित रडार सिस्टम को को क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिससे प्रमुख अग्रिम स्थानों पर पाकिस्तान की हवाई रक्षा क्षमताओं पर असर पड़ा है.


पाकिस्तान ने भारत के सैन्य ठिकानों पर हमला करने का प्रयास किया था. हालांकि, भारत ने पाकिस्तान के रडार सिस्टम को तबाह कर पाक के बड़े हमले को नाकाम कर दिया. HQ-9 एक सतह से हवा में मार करने वाला (Surface-to-Air Missile – SAM) सिस्टम है, जिसे चाइना प्रिसिजन मशीनरी इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन (CPMIEC) ने तैयार किया है. यह मिसाइल सिस्टम चीन की सैन्य तकनीक का एक प्रमुख उदाहरण माना जाता है और इसे पाकिस्तान ने वर्ष 2021 में अपनी सेना में शामिल किया था.


पाकिस्तान ने एयर डिफेंस सिस्टम को इसलिए अपनाया क्योंकि वह भारत के आधुनिक हवाई युद्ध उपकरणों से चिंतित था. भारत के राफेल लड़ाकू विमान, सुखोई Su-30MKI और ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल जैसे हथियार पाकिस्तान के लिए एक बड़ी चुनौती है. इसी के मद्देनजर पाकिस्तान ने HQ-9 जैसी प्रणाली पर भरोसा जताया, जो अब भारतीय हमले में ध्वस्त हो चुकी है.






क्या है HQ-9 की रेंज?
HQ-9 की रेंज 125 से 200 किलोमीटर के बीच बताई जा रही है. यह सिस्टम एक साथ 100 हवाई लक्ष्यों को ट्रैक करने और उनमें से कई को इंटरसेप्ट करने की क्षमता रखता है. इसका रडार सिस्टम मॉर्डन AESA तकनीक पर आधारित होता है, जो high frequency पर काम करता है और आने वाले टारगेट को भी पहचानने में सक्षम होता है.


पाकिस्तान ने इस प्रणाली को अपने बहुस्तरीय रक्षा नेटवर्क में एक अहम अंग के रूप में शामिल किया था, खासतौर पर सीमा के पास और रणनीतिक सैन्य ठिकानों की रक्षा के लिए. ऑपरेशन सिंदूर के तहत किए गए भारतीय हमले में इस अत्याधुनिक प्रणाली की कमजोरियां दुनिया के सामने आ गईं.