USA  News: अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने एक व्यापक कर योजना पेश की है, जिससे लाखों अमेरिकियों को टैक्स फ्री किया जा सकता है. सीबीएस को दिए गए एक साक्षात्कार में लुटनिक ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उन व्यक्तियों के लिए संघीय कर समाप्त करने पर जोर दे रहे हैं, जिनकी वार्षिक आय $150,000 से कम है.


लुटनिक ने कहा, "मुझे पता है कि ट्रंप का लक्ष्य क्या है. जो भी व्यक्ति $150,000 प्रति वर्ष से कम कमाता है, उस पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. यही उनका उद्देश्य है और मैं इसी दिशा में काम कर रहा हूं."


अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने कही ये बात 


हॉवर्ड लुटनिक यहीं नहीं रुके. उन्होंने अमेरिकियों के कर बोझ को और कम करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव पेश किए. उन्होंने कहा, "टिप्स पर कोई कर न हो? ओवरटाइम पर कोई कर न हो? सामाजिक सुरक्षा पर कोई कर न हो? इन सभी चीजों पर कोई कर नहीं लगाया जाना चाहिए." उन्होंने कहा कि वह कर सुधार को लेकर एक आक्रामक दृष्टिकोण अपना रहे हैं.


अगर ट्रंप का प्रस्ताव लागू होता है तो वार्षिक $150,000 (लगभग ₹1.3 करोड़) से कम आय वाले किसी भी व्यक्ति को करों से पूरी तरह छूट मिल जाएगी. लुटनिक ने इस योजना को महत्वपूर्ण बताते हुए जोर दिया कि इसे हकीकत बनाना ही उनका मौजूदा मिशन है.


मोदी सरकार ने भी दिया था मिडिल क्लास को तोहफा


वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2025 को लोकसभा में मोदी 3.0 का दूसरा पूर्ण बजट पेश किया था. इस बजट में मध्यवर्गीय करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए 12 लाख रुपये तक की आय को कर-मुक्त करने की घोषणा की गई. पिछले कई बजट से नौकरीपेशा वर्ग टैक्स स्लैब में बदलाव की उम्मीद कर रहा था और आखिरकार बजट 2025 में एक नया आयकर ढांचा पेश किया गया. इसके तहत 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले करदाताओं को पूरी तरह से कर में छूट दी जाएगी.


बजट 2025 में हुए प्रमुख बदलाव:



  1. 12 लाख रुपये तक की सालाना आय टैक्स-फ्री: अब 12 लाख रुपये तक कमाने वाले लोगों को कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा, जिससे सैलरीड क्लास को बड़ी राहत मिलेगी.

  2. स्टैंडर्ड डिडक्शन में बढ़ोतरी: इसे 50,000 रुपये से बढ़ाकर 75,000 रुपये कर दिया गया, जिससे टैक्सपेयर्स को अतिरिक्त बचत होगी.

  3. टैक्स स्लैब में बदलाव: सरकार ने टैक्स स्ट्रक्चर को और संतुलित बनाते हुए, मिडिल-क्लास पर टैक्स का बोझ कम करने के लिए प्रोग्रेसिव टैक्सेशन लागू किया है.