नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो को एक साल से अधिक समय तक वेनेजुएला में छिपे रहने के बाद दिसंबर में बचाया गया. अमेरिकी टीम ने उनके रेस्क्यू का एक वीडियो अब शेयर किया है, जिसमें दिखाया गया है कि वो वेनेजुएला से कैसे बाहर निकलीं. मचाडो दिसंबर में वेनेजुएला छोड़कर नॉर्वे चली गई थीं ताकि वो 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार ले सकें.


वेनेजुएला छोड़ने के कुछ हफ़्तों बाद उनकी मदद करने वाली अमेरिकी टीम ग्रे बुल रेस्क्यू टीम ने एक वीडियो जारी किया है. सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार मचाडो वेनेजुएला के तट से एक नाव में सवार होकर कैरिबियन सागर में एक जगह पहुंचीं, जहां ग्रे बुल रेस्क्यू के प्रमुख और अमेरिकी विशेष बलों के पूर्व सैनिक ब्रायन स्टर्न उनसे मिले.






मैं ज़िंदा हूं और मैं सुरक्षित हूं- मचाडो 
वायरल हो रहे वीडियो में दिखाया गया है, मचाडो स्टर्न से मिलीं और दूसरी नाव पर सवार हो गईं. अंधेरे के कारण आगे वीडियो ठीक से शूट नहीं किया जा सका. हालांकि मचाडो और स्टर्न एक-दूसरे को परिचय देते हुए सुनाई दे रहे थे. इसके बाद मचाडो दूसरी नाव पर चढ़ीं और कैमरा पकड़कर बोलीं कि मैं मारिया कोरिना मचाडो हूं. मैं ज़िंदा हूं और मैं सुरक्षित हूं और ग्रे बुल की बहुत आभारी हूं. 


मचाडो ने ट्रंप को सौंपा नोबेल शांति पुरस्कार
अमेरिकी सेना के हाल ही में कराकस में किए गए ऑपरेशन से कुछ सप्ताह पहले वेनेजुएला से मचाडो को रेस्क्यू किया गया था. वेनेजुएला में अमेरिकी अभियान के बाद मारिया मचाडो एक बार फिर सुर्खियों में आई और कई लोगों ने अनुमान लगाया कि वो वेनेजुएला की नई राष्ट्रपति बन सकती हैं. मचाडो ने हाल ही में अपना नोबेल शांति पुरस्कार 2025 डोनाल्ड ट्रंप को सौंपा और कहा कि यह कदम वेनेजुएला की स्वतंत्रता के प्रति उनकी अनूठी प्रतिबद्धता की पहचान के रूप में उठाया गया है. 


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