इंग्लिश काउंटी टीम एसेक्स की ओर से खेलने के लिए साल 2017 में साइमन हार्मर ने ‘कोलपैक डील’ पर साइन की थी. हार्मर ने दक्षिण अफ्रीका के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने की उम्मीद छोड़ दी थी. इस ऑफ स्पिनर ने पहली बार साल 2015 में भारत दौरे पर आई साउथ अफ्रीकी टीम के साथ भारत में खेला था, लेकिन इस सीरीज में उनका औसत प्रदर्शन रहा था. जिसके बाद भारत में एक और टेस्ट मैच खेलने की उनकी संभावना लगभग खत्म हो गई थी. हालांकि, हार्मर ने भारत के मौजूदा दौरे पर शानदार प्रदर्शन करते हुए, दक्षिण अफ्रीकी टीम को दो मैचों की सीरीज में 2-0 की ऐतिहासिक जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई है.
2015 के बाद खेलने पर क्या बोले साइमन?
भारत के खिलाफ गुवाहाटी टेस्ट में 408 रनों की बड़ी जीत दर्ज करने के बाद बुधवार को साइमन हार्मर ने कहा, ‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे इंटरनेशनल क्रिकेट में एक और मौका मिलेगा और ये भी मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं दोबारा खेलने के लिए भारत आऊंगा. यहां होना, 2-0 से सीरीज जीतना और प्लेयर ऑफ द सीरीज बनना, ये बहुत खास है. मुझे लगता है इसे समझने और आत्मसात करने में थोड़ा समय लगेगा और हमारे लिए ये बहुत खास जीत है.’
भारत में मिली ऐतिहासिक जीत पर दिया बयान
साइमन हार्मर ने ‘पीटीआई’ के द्वारा पूछे गए सवाल पर कहा, ‘हां, मुझे लगता है कि जब मैंने कोलपैक डील साइन की तो उसमें एक ये भी था कि मैं अपने देश के लिए फिर कभी नहीं खेल पाऊंगा, इसलिए मैंने इस तथ्य को मान लिया था.’
भारत में दो टेस्ट मैचों में 17 विकेट लेकर ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज' का पुरस्कार जीतने वाले हार्मर को इस दौरे पर खुद से बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद थी. उन्होंने कहा, ‘मैं हमेशा से यही चाहता था कि अपने करियर के अंत में पीछे मुड़कर देख सकूं और कह सकूं कि मैं खुद के लिए बेस्ट था.
