Vitamin D and Eye : विटामिन डी को आमतौर पर हड्डियों की मजबूती और इम्यून सिस्टम के लिए जरूरी माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसकी कमी आंखों के लिए भी नुकसानदायक हो सकती है? जी हां, विटामिन D की कमी सिर्फ मांसपेशियों या हड्डियों तक सीमित नहीं है, यह आपकी आंखों की रोशनी और स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर डाल सकती है. हम में से कई लोग इस बात से अनजान हों, लेकिन यह सच है. आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से-


आंखों पर विटामिन डी की कमी का क्या है पड़ता है असर?


ड्राय आई सिंड्रोम 


विटामिन डी की कमी से आंखों में नमी बनाए रखने वाली ग्रंथियां ठीक से काम नहीं करतीं. इससे आंखों में जलन, सूखापन, चुभन और थकावट जैसी समस्याएं हो सकती हैं. मुख्य रूप से कंप्यूटर या मोबाइल पर ज्यादा समय बिताने वालों को यह अधिक प्रभावित करता है.


एज-रिलेटेड मैक्युलर डीजेनेरेशन 


यह आंखों की एक गंभीर बीमारी है, जिसमें धीरे-धीरे दृष्टि कम होने लगती है. रिसर्च में पाया गया है कि जिन लोगों में विटामिन डी की कमी होती है, उनमें एज-रिलेटेड मैक्युलर डीजेनेरेशन का खतरा ज्यादा होता है.


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रेटिनल डैमेज 


शरीर में विटामिन डी की कमी के कारण रेटिनल डैमेज का खतरा हो सकता है. दरअसल, विटामिन डी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो आंखों के रेटिना को सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं. इसकी कमी से रेटिना कमजोर हो सकता है, जिससे देखने की क्षमता प्रभावित होती है.


ग्लूकोमा का खतरा


कुछ अध्ययनों से संकेत मिलता है कि विटामिन डी की कमी से आंखों में दबाव (Intraocular Pressure) असंतुलित हो सकता है, जिससे ग्लूकोमा जैसी स्थिति पैदा हो सकती है, जो धीरे-धीरे दृष्टि को खत्म कर सकती है.


कैसे करें विटामिन D की कमी की पूर्ति



  • सुबह 8 से 10 बजे के बीच 15-20 मिनट रोजाना धूप में रहें, यह विटामिन डी का प्राकृतिक स्रोत है.

  • विटामिन डी की पूर्ति के लिए अंडा, मछली, मशरूम, दूध और फोर्टिफाइड अनाज इत्यादि का सेवन करें. 

  • अगर शरीर में इसकी कमी ज्यादा है, तो डॉक्टर की सलाह से विटामिन D सप्लिमेंट भी लिए जा सकते हैं.


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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.