काराकास पर अमेरिकी हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पत्नी के साथ गिरफ्तार किए जाने के पांच दिन बाद, वेनेजुएला ने घोषणा की है कि वह बड़ी संख्या में राजनीतिक बंदियों को रिहा कर रहा है. इसे शांति व्यवस्था बनाए रखने का एक कदम बताया जा रहा है. बंदियों की रिहाई को इटली की प्रधानमंत्री जियॉर्जिया मेलोनी ने प्रशंसनीय कदम करार दिया है.


उन्होंने एक्स पोस्ट में कहा, 'मैं वेनेज़ुएला के हालात पर करीब से नजर रख रही हूं और मुझे उम्मीद है कि राष्ट्रपति (कार्यवाहक) डेल्सी रोड्रिगेज के साथ रोम और काराकास के बीच अच्छे रिश्तों का एक नया दौर शुरू होगा. इस बारे में, मैं राजनीतिक कैदियों, जिनमें इतालवी भी शामिल हैं, की रिहाई शुरू करने के फैसले के लिए शुक्रिया अदा करती हूं, और मुझे पूरी उम्मीद है कि यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी.'


वेनेजुएला से बंदियों की रिहाई को विपक्षी नेता और नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित मारिया कोरिना मचाडो ने ‘अन्याय’ से निपटने का कदम बताया. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक ऑडियो मैसेज पब्लिश किया. इसमें कहा, 'यह एक जरूरी दिन है जो दिखाता है कि अन्याय हमेशा नहीं रहेगा और सच्चाई, भले ही चोटिल हुई हो, अपना रास्ता ढूंढ ही लेती है.'


विपक्ष के एक बयान के अनुसार, जेल से रिहा होने वालों में पूर्व विपक्षी उम्मीदवार एनरिक मार्केज भी शामिल थे. मार्केज ने एक स्थानीय पत्रकार द्वारा लिए गए एक वीडियो में खुशी का इजहार करते हुए कहा, “अब सब खत्म हो गया है.


वहीं स्पेन के विदेश मंत्रालय ने पांच स्पेनिश नागरिकों की रिहाई की पुष्टि की. इनमें से एक दोहरी नागरिकता वाला शख्स भी है, जिसके बारे में कहा गया कि वे 'काराकास में हमारे दूतावास की मदद से स्पेन जाने की तैयारी कर रहे थे.' मंत्रालय ने इस डेवलपमेंट को एक सकारात्मक कदम बताया.


मीडिया आउटलेट द गार्डियन के अनुसार, यह साफ नहीं है कि कितने लोगों को रिहा किया जा रहा है. देश में काम कर रहे मानवाधिकार संगठन को अंदाजा है कि वेनेज़ुएला में 800 से 1,000 के बीच पॉलिटिकल कैदी हैं, जिनमें से ज्यादातर को 2024 के चुनाव के बाद हुए प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए हिरासत में लिया गया था.


 


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