पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को पिछले सप्ताह दो बार बेहोश होने के बाद सोमवार को दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया, जहां उनका एमआरआई किया जाएगा. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 10 जनवरी को धनखड़ को वॉशरूम में दो बार बेहोशी का दौरा पड़ा. इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा, ‘आज उन्हें एम्स ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें जांच के लिए भर्ती करने की सलाह दी.’
धनखड़ पहले भी कई बार बेहोश हो चुके हैं, जिनमें कच्छ का रण, उत्तराखंड, केरल और दिल्ली की घटनाएं शामिल हैं, जहां वह उपराष्ट्रपति के रूप में सार्वजनिक कार्यक्रमों में गए थे. उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए 21 जुलाई को उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफा दे दिया था.
मानसून सत्र में 21 जुलाई को दिया था इस्तीफा
संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई 2025 को शुरु हुआ था. बतौर राज्यसभा के सभापति दिन में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने राज्यसभा की कार्यवाही का संचालन किया था. उसी रात को उपराष्ट्रपति के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर उनका इस्तीफा आ गया. इस इस्तीफे में उन्होंने सेहत का हवाला दिया था. उनके अचानक इस्तीफे पर तब विपक्ष और कई राजनीतिक विश्लेषकों ने सवाल उठाए थे और कहा था कि इसके पीछे सेहत नहीं कुछ और वजह लगती है.
आवास के लिए सरकार को लिख चुके हैं पत्र
अभी कुछ दिनों पहले खबर आई थी कि उनके इस्तीफे के पांच महीने बाद भी पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को सरकारी आवास नहीं मिला था. कुछ करीबी लोगों ने इसकी जानकारी दी थी. 22 अगस्त को आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के सचिव को पत्र लिखकर पूर्व उपराष्ट्रपतियों को प्राप्त होने वाले आधिकारिक आवास का अनुरोध किया था.
पूर्व उपराष्ट्रपति को कौनसी सुविधाएं मिलती हैं?
बता दें, पूर्व उपराष्ट्रपति को भारत सरकार से कई सुविधाएं मिलती हैं. इनमें दो लाख रुपये प्रति महीने की पेंशन, टाइप 8 बंगला, एक निजी सचिव, एक अतिरिक्त निजी सचिव, एक निजी सहायक, एक डॉक्टर, एक नर्सिंग अफसर समेंत चार निजी सहायक के हकदार हैं. उनके निधन के बाद उनके जीवनसाथी को इससे थोड़े आवास टाइप-7 में रहने का हक मिलता है.
