New Delhi News: राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित 'भारत मंडपम' में दुनिया के सबसे बड़े पुस्तक मेलों में से एक, 'नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026' का शानदार आयोजन हो रहा है. 10 जनवरी से शुरू हुआ यह नौ दिवसीय साहित्यिक उत्सव 18 जनवरी तक चलेगा. इस साल मेले का आयोजन 'राष्ट्रीय पुस्तक न्यास' (NBT) और 'भारत व्यापार संवर्धन संगठन' (ITPO) से किया जा रहा है, जिसका उद्घाटन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने किया.


पहली बार निशुल्क प्रवेश


इस साल के मेले की सबसे बड़ी विशेषता इसका 'फ्री एंट्री' होना है. शिक्षा मंत्रालय ने पठन-पाठन की संस्कृति को बढ़ावा देने और विशेष रूप से 'जेन-जी' (Gen Z) यानी युवा पीढ़ी को किताबों से जोड़ने के लिए प्रवेश शुल्क को पूरी तरह समाप्त कर दिया है. अब कोई भी पुस्तक प्रेमी बिना किसी टिकट के सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक मेले का आनंद ले सकता है.



थीम: भारतीय सैन्य इतिहास - शौर्य एवं विवेक @75


आजादी के अमृत काल के समापन के बाद, इस साल की थीम 'भारतीय सैन्य इतिहास: शौर्य एवं विवेक @75' रखी गई है. 1,000 वर्ग मीटर में फैले विशेष थीम पवेलियन में भारतीय थल सेना, नौसेना और वायुसेना के गौरवशाली इतिहास को प्रदर्शित किया गया है. यहां अर्जुन टैंक, आईएनएस विक्रांत और एलसीए तेजस के विशाल मॉडल्स के साथ-साथ 500 से अधिक ऐसी पुस्तकें प्रदर्शित की गई हैं जो भारतीय सैनिकों के बलिदान और युद्ध कौशल की गाथाएं सुनाती हैं.


वैश्विक भागीदारी और मुख्य आकर्षण


मेले में 35 से अधिक देशों के 1,000 से ज्यादा प्रकाशक हिस्सा ले रहे हैं. इस बार 'कतर' को अतिथि देश (Guest of Honour) और 'स्पेन' को फोकस देश का दर्जा दिया गया है. मेले के दौरान लगभग 600 साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें लेखक संवाद, पुस्तक विमोचन और कार्यशालाएं शामिल हैं.


बच्चों के लिए विशेष 'चिल्ड्रन पवेलियन' बनाया गया है, जहां कहानियों के सत्र और क्रिएटिव वर्कशॉप का आयोजन हो रहा है. शाम के समय सांस्कृतिक कार्यक्रमों में रिकी केज जैसे कलाकारों की प्रस्तुति और सेना के बैंड्स का संगीत मेले की रौनक में चार चांद लगा रहा है. यदि आप भी किताबों के शौकीन हैं और भारत के गौरवशाली इतिहास को करीब से देखना चाहते हैं तो 18 जनवरी तक भारत मंडपम जरूर पहुंचें.