दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के साइबर सेल ने एक संगठित क्रिकेट सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए करमपुरा इलाके से तीन बुकी को गिरफ्तार किया है. यह गिरोह पाकिस्तान के लाहौर में खेले गए दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच चैम्पियंस ट्रॉफी सेमीफाइनल मैच पर अवैध सट्टा चला रहा था.


डीसीपी (क्राइम ब्रांच) आदित्य गौतम के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनीष सहानी (42), योगेश कुक्रेजा (31) और सूरज (24) के रूप में हुई है. पुलिस ने आरोपियों के पास से 22.62 लाख रुपये, एक लैपटॉप, 9 मोबाइल फोन, एक एलईडी टीवी, असिस्टेंट साउंड बॉक्स, कई नोटपैड और सट्टे की पर्चियां बरामद की हैं.


कैसे हुआ खुलासा?
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि करमपुरा इलाके में एक मकान से अवैध सट्टेबाजी चलाई जा रही है. साइबर सेल की टीम ने इस सूचना के आधार पर छापा मारा और तीनों आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया. मुख्य आरोपी मनीष सहानी इस सट्टेबाजी रैकेट का सरगना बताया जा रहा है. पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह खुद ही इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था और किसी भी मिडलमैन का इस्तेमाल नहीं करता था. मनीष सभी लेन-देन को बैंक खातों और नकद भुगतान के जरिए नियंत्रित करता था.


गिरोह के काम करने का तरीका
मास्टरमाइंड मनीष सहानी पहले सेकंड हैंड कारों की खरीद-फरोख्त करता था लेकिन घाटे के चलते सट्टेबाजी में उतर आया. उसने करमपुरा इलाके में एक घर किराए पर लेकर सट्टेबाजी का अड्डा बना लिया. इसका सहयोगी योगेश कुकरेजा एक कॉमर्स ग्रेजुएट है और 2021 से सट्टेबाजी में लिप्त था. इसका मुख्य काम मनीष सहानी के लिए अकाउंट्स मैनेज करना था. जबकि, 10वीं पास सूरज का काम सट्टा लगाने वालों से फोन पर बातचीत करना, लेन-देन का रिकॉर्ड रखना और गेम खत्म होने के बाद हिसाब-किताब करना था.


क्राइम ब्रांच की जांच जारी
क्राइम ब्रांच अब इस मामले में अन्य संभावित आरोपियों और इस नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है. पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों का भी पता लगाने में जुटी हुई है.


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