श्रीलंकाई नौसेना ने पश्चिमी तट के पास मछली पकड़ने वाली उस नौका में सवार चार भारतीय मछुआरों को बचा लिया, जो समुद्र में लापता हो गई थीं. एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई.


श्रीलंकाई नौसेना की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि समुद्री बचाव समन्वय केंद्र (MRCC) मुंबई की ओर से जानकारी दिए जाने के बाद श्रीलंकाई नौसेना ने समन्वित खोज और बचाव (SAR) अभियान शुरू किया और मछुआरों को रविवार (6 जुलाई, 2025) को बचा लिया गया.


एमआरसीसी ने श्रीलंकाई नौसेना को जानकारी दी कि मछली पकड़ने वाली एक भारतीय नौका मौसम की प्रतिकूल परिस्थिति के कारण 29 जून को लापता हो गई थी और उससे संपर्क नहीं हो पा रहा था.


बयान में कहा गया, 'इस (खोज और बचाव) अभियान के तहत चार भारतीय मछुआरों को बचाया गया, जो समुद्र में मछली पकड़ने वाली नाव के संकट में घिरने के कारण चिलाव में फंस गए थे.' भारत के मिनिकॉय द्वीप के रहने वाले मछुआरों को सुरक्षित रूप से डिकोविता बंदरगाह लाया गया, जहां श्रीलंकाई नौसेना और तटरक्षक बल ने उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान की.


बयान में कहा गया, 'यह एमआरसीसी, कोलंबो के सहयोग से भारतीय मछुआरों के बचाव के सफल अभियान का मात्र दो सप्ताह में दूसरा मामला है.' नौसेना ने कहा कि मछुआरों को बाद में आगे की प्रक्रिया के लिए वट्टाला पुलिस थाने को सौंप दिया गया.


मछुआरों का मुद्दा भारत और श्रीलंका के संबंधों में एक विवादास्पद मुद्दा है. अतीत में, पाक जलडमरूमध्य में द्वीप राष्ट्र के जल क्षेत्र में कथित रूप से प्रवेश करने वाले भारतीय मछुआरों पर श्रीलंकाई नौसेना के कर्मियों की ओर से गोलीबारी किए जाने और उनकी नौकाओं को जब्त करने की घटनाएं हुई हैं.


पाक जलडमरूमध्य तमिलनाडु को श्रीलंका से अलग करने वाला संकीर्ण जल क्षेत्र है. यह दोनों देशों के मछुआरों के लिए मछलियों के लिहाज से एक समृद्ध क्षेत्र है.