13 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों के मामले पर सुनवाई हुई. इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा, 'हम आदेश देंगे कि डॉग बाइट की हर घटना के लिए सरकार भारी मुआवजा दे. जो लोग कुत्तों को खाना खिलाते हैं, उनकी भी जवाबदेही तय की जाएगी.


तीन जजों की बेंच ने तय की जवाबदेही


जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने सुनवाई की. तीनों जजों की बेंच ने यह साफ कह दिया कि अब कुत्तों के हमलों को लेकर सिर्फ अधिकारियों की नहीं, बल्कि उन्हें खाना खिलाने वालों की भी जवाबदेही तय की जाएगी. सुप्रीम कोर्ट 20 जनवरी 2026 को दोपहर 2 बजे अगली सुनवाई करेगी.


डॉग लवर्स पर सख्त सुप्रीम कोर्ट


सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अस्पताल, रेलवे स्टेशन, बस डिपो और एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स जैसी सार्वजनिक जगहों को कुत्तों के रहने का स्थान नहीं बनाया जा सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने डॉग लवर्स को सख्त लहजे में कहा, 'जो लोग दावा करते हैं कि वह कुत्तों के हितैषी हैं, तो उन्हें इन जानवरों को अपने घर ले जाना चाहिए.'